Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.33.2: भीष्मजी बोले - युधिष्ठिर! इस विषय में ज्ञानी लोग देवर्षि नारद और भगवान श्रीकृष्ण के संवाद रूपी इतिहास का उदाहरण देते हैं॥2॥ | mahabharat अध्याय 13.33: नारदजीके द्वारा पूजनीय पुरुषोंके लक्षण तथा उनके आदर-सत्कार और पूजनसे प्राप्त होनेवाले लाभका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीष्म उवाच
अत्राप्युदाहरन्तीममितिहासं पुरातनम्।
नारदस्य च संवादं वासुदेवस्य चोभयो:॥ २॥
अनुवाद
भीष्मजी बोले - युधिष्ठिर! इस विषय में ज्ञानी लोग देवर्षि नारद और भगवान श्रीकृष्ण के संवाद रूपी इतिहास का उदाहरण देते हैं॥2॥
Bhishmaji said – Yudhishthir! In this matter, knowledgeable people give the example of this history in the form of dialogue between Devarshi Narad and Lord Shri Krishna. 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥