Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.33.11: हे यादव! मैं उन लोगों को सिर झुकाकर प्रणाम करता हूँ जो वन में रहकर कंद-मूल और फल खाते हैं, तपस्या में लीन रहते हैं, जो किसी भी प्रकार की वस्तु नहीं रखते और कर्म में तत्पर रहते हैं। | mahabharat अध्याय 13.33: नारदजीके द्वारा पूजनीय पुरुषोंके लक्षण तथा उनके आदर-सत्कार और पूजनसे प्राप्त होनेवाले लाभका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे यादव! मैं उन लोगों को सिर झुकाकर प्रणाम करता हूँ जो वन में रहकर कंद-मूल और फल खाते हैं, तपस्या में लीन रहते हैं, जो किसी भी प्रकार की वस्तु नहीं रखते और कर्म में तत्पर रहते हैं।
Yadav! I bow my head to those who live in the forest eating roots and fruits and remain engaged in austerities, who do not keep any possessions and are devoted to action.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥