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mahabharat 13.32.9: वे सभी एक जैसे ही थे, वे सभी बलवान थे और युद्ध में कुशल थे। उन्होंने धनुर्वेद तथा वेदों के सभी विषयों का अध्ययन किया था।   |   mahabharat अध्याय 13.32: वीतहव्यके पुत्रोंसे काशी-नरेशोंका घोर युद्ध, प्रतर्दनद्वारा उनका वध और राजा वीतहव्यको भृगुके कथनसे ब्राह्मणत्व प्राप्त होनेकी कथा   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 32: वीतहव्यके पुत्रोंसे काशी-नरेशोंका घोर युद्ध, प्रतर्दनद्वारा उनका वध और राजा वीतहव्यको भृगुके कथनसे ब्राह्मणत्व प्राप्त होनेकी कथा  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  13.32.9 
तुल्यरूपप्रभावाणां बलिनां युद्धशालिनाम्।
धनुर्वेदे च वेदे च सर्वत्रैव कृतश्रमा:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
वे सभी एक जैसे ही थे, वे सभी बलवान थे और युद्ध में कुशल थे। उन्होंने धनुर्वेद तथा वेदों के सभी विषयों का अध्ययन किया था।
 
All of them had the same appearance and bearing, they were all strong and looked good in war. They had studied Dhanur Veda and all the subjects of Vedas.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)