Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.32.8: भरतवंशी राजेन्द्र! उनमें हैहयके (जिनका दूसरा नाम वीतहव्य भी था) की दस स्त्रियाँ थीं। उन स्त्रियों के गर्भ से सौ वीर पुत्र उत्पन्न हुए, जो युद्ध से पीछे हटने वाले नहीं थे। 8॥ | mahabharat अध्याय 13.32: वीतहव्यके पुत्रोंसे काशी-नरेशोंका घोर युद्ध, प्रतर्दनद्वारा उनका वध और राजा वीतहव्यको भृगुके कथनसे ब्राह्मणत्व प्राप्त होनेकी कथा । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भरतवंशी राजेन्द्र! उनमें हैहयके (जिनका दूसरा नाम वीतहव्य भी था) की दस स्त्रियाँ थीं। उन स्त्रियों के गर्भ से सौ वीर पुत्र उत्पन्न हुए, जो युद्ध से पीछे हटने वाले नहीं थे। 8॥
Bharatvanshi Rajendra! Among them, Haihayke (whose other name was also Veetahavya) had ten women. Hundred brave sons were born from the wombs of those women who were not going to back down from the war. 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥