Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.32.61: गृत्समद का पुत्र सुचेता नामक ब्राह्मण था। सुचेता का पुत्र वर्चा और वर्चा का पुत्र विहव्य था। 61.   |   mahabharat अध्याय 13.32: वीतहव्यके पुत्रोंसे काशी-नरेशोंका घोर युद्ध, प्रतर्दनद्वारा उनका वध और राजा वीतहव्यको भृगुके कथनसे ब्राह्मणत्व प्राप्त होनेकी कथा   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 32: वीतहव्यके पुत्रोंसे काशी-नरेशोंका घोर युद्ध, प्रतर्दनद्वारा उनका वध और राजा वीतहव्यको भृगुके कथनसे ब्राह्मणत्व प्राप्त होनेकी कथा  »  श्लोक 61
 
 
श्लोक  13.32.61 
पुत्रो गृत्समदस्यापि सुचेता अभवद् द्विज:।
वर्चा: सुचेतस: पुत्रो विहव्यस्तस्य चात्मज:॥ ६१॥
 
 
अनुवाद
गृत्समद का पुत्र सुचेता नामक ब्राह्मण था। सुचेता का पुत्र वर्चा और वर्चा का पुत्र विहव्य था। 61.
 
Gritsamad's son was a Brahmin named Sucheta. Sucheta's son was Varcha and Varcha's son was Vihavya. 61.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)