Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.32.5: भीष्मजी बोले - राजन्! महान एवं यशस्वी राजर्षि राजा वीथव्य ने किस प्रकार प्रजा द्वारा पूजित दुर्लभ ब्राह्मण पद प्राप्त किया, यह मैं तुमसे कहता हूँ, सुनो॥5॥ | mahabharat अध्याय 13.32: वीतहव्यके पुत्रोंसे काशी-नरेशोंका घोर युद्ध, प्रतर्दनद्वारा उनका वध और राजा वीतहव्यको भृगुके कथनसे ब्राह्मणत्व प्राप्त होनेकी कथा । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीष्मजी बोले - राजन्! महान एवं यशस्वी राजर्षि राजा वीथव्य ने किस प्रकार प्रजा द्वारा पूजित दुर्लभ ब्राह्मण पद प्राप्त किया, यह मैं तुमसे कहता हूँ, सुनो॥5॥
Bhishmaji said – King! Listen, let me tell you how the great and illustrious royal sage King Veethavya attained the rare status of Brahmin, respected by the people. 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥