Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.32.41: युधिष्ठिर! जैसे बादल हिमालय पर जल बरसाते हैं, उसी प्रकार हैहय राजकुमार रथों के समूहों में आकर राजा प्रतर्दन पर नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों की वर्षा करने लगे। | mahabharat अध्याय 13.32: वीतहव्यके पुत्रोंसे काशी-नरेशोंका घोर युद्ध, प्रतर्दनद्वारा उनका वध और राजा वीतहव्यको भृगुके कथनसे ब्राह्मणत्व प्राप्त होनेकी कथा । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
युधिष्ठिर! जैसे बादल हिमालय पर जल बरसाते हैं, उसी प्रकार हैहय राजकुमार रथों के समूहों में आकर राजा प्रतर्दन पर नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों की वर्षा करने लगे।
Yudhishthira! Just as clouds pour water on the Himalayas, in the same way the Haihaya princes came in groups of chariots and began showering various kinds of weapons on King Pratrdan.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥