Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.32.17: वह नगर ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्रों से परिपूर्ण था। वह नाना प्रकार के धन-धान्य से समृद्ध था; तथा उसके बाजार और दुकानें धन और वैभव से परिपूर्ण थीं। | mahabharat अध्याय 13.32: वीतहव्यके पुत्रोंसे काशी-नरेशोंका घोर युद्ध, प्रतर्दनद्वारा उनका वध और राजा वीतहव्यको भृगुके कथनसे ब्राह्मणत्व प्राप्त होनेकी कथा । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह नगर ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्रों से परिपूर्ण था। वह नाना प्रकार के धन-धान्य से समृद्ध था; तथा उसके बाजार और दुकानें धन और वैभव से परिपूर्ण थीं।
That city was full of Brahmins, Kshatriyas, Vaishyas and Shudras. It was rich with a collection of various kinds of wealth; and its markets and shops were full of wealth and splendor. 17.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥