Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.32.16: दिवोदास एक अत्यंत तेजस्वी राजा थे। जब उन्होंने हैहय राजकुमारों के मन पर नियंत्रण रखने वाले पराक्रम का स्मरण किया, तो उन्होंने इंद्र के आदेश पर वाराणसी नामक एक नगरी बसाई। | mahabharat अध्याय 13.32: वीतहव्यके पुत्रोंसे काशी-नरेशोंका घोर युद्ध, प्रतर्दनद्वारा उनका वध और राजा वीतहव्यको भृगुके कथनसे ब्राह्मणत्व प्राप्त होनेकी कथा । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दिवोदास एक अत्यंत तेजस्वी राजा थे। जब उन्होंने हैहय राजकुमारों के मन पर नियंत्रण रखने वाले पराक्रम का स्मरण किया, तो उन्होंने इंद्र के आदेश पर वाराणसी नामक एक नगरी बसाई।
Divodas was a very brilliant king. When he thought about the prowess of the Haihaya princes who controlled their minds, he established a city named Varanasi on the orders of Indra.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥