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mahabharat 13.32.12: राजा हर्यश्व का वध करने के बाद, हैहय का शक्तिशाली योद्धा राजकुमार निर्भय होकर वत्सवंशी राजाओं के सुंदर नगर में लौट आया।   |   mahabharat अध्याय 13.32: वीतहव्यके पुत्रोंसे काशी-नरेशोंका घोर युद्ध, प्रतर्दनद्वारा उनका वध और राजा वीतहव्यको भृगुके कथनसे ब्राह्मणत्व प्राप्त होनेकी कथा   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.32.12 
तं तु हत्वा नरपतिं हैहयास्ते महारथा:।
प्रतिजग्मु: पुरीं रम्यां वत्सानामकुतोभया:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
राजा हर्यश्व का वध करने के बाद, हैहय का शक्तिशाली योद्धा राजकुमार निर्भय होकर वत्सवंशी राजाओं के सुंदर नगर में लौट आया।
 
Having slain King Haryashva, the mighty warrior prince of Haihaya fearlessly returned to the beautiful city of the Vatsa dynasty kings.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)