Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.30.12: फिर वह बहुत समय तक उसी रूप में रहता है। तत्पश्चात् तीन सौ वर्ष बाद वह गायत्री मंत्र का जप करने वाले ब्राह्मण के घर जन्म लेता है। | mahabharat अध्याय 13.30: ब्राह्मणत्व प्राप्त करनेका आग्रह छोड़कर दूसरा वर माँगनेके लिये इन्द्रका मतङ्गको समझाना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
फिर वह बहुत समय तक उसी रूप में रहता है। तत्पश्चात् तीन सौ वर्ष बाद वह गायत्री मंत्र का जप करने वाले ब्राह्मण के घर जन्म लेता है।
Then he remains in the same form for a long time. Thereafter, after three hundred years, he is born in the house of a Brahmin who chants the Gayatri Mantra. 12.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥