vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 13: अनुशासन पर्व
»
अध्याय 3: विश्वामित्रको ब्राह्मणत्वकी प्राप्ति कैसे हुई—इस विषयमें युधिष्ठिरका प्रश्न
»
श्लोक 10
श्लोक
13.3.10
विश्वामित्रस्य विपुला नदी देवर्षिसेविता।
कौशिकी च शिवा पुण्या ब्रह्मर्षिसुरसेविता॥ १०॥
अनुवाद
ऋषियों, ब्रह्मर्षियों और देवताओं द्वारा सेवित पवित्र, शुभ और विशाल कौशिकी नदी विश्वामित्र के प्रभाव से ही प्रकट हुई है ॥10॥
The sacred, auspicious and vast river Kaushiki, served by sages, brahmarshis and gods, has appeared due to the influence of Viswamitra alone. ॥10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×