Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.29.5: भीष्म बोले, "हे युधिष्ठिर! क्षत्रियों आदि तीनों वर्णों के लिए ब्राह्मणत्व प्राप्त करना अत्यन्त कठिन है, क्योंकि यह समस्त प्राणियों के लिए सर्वश्रेष्ठ स्थान है ॥5॥   |   mahabharat अध्याय 13.29: ब्राह्मणत्वके लिये तपस्या करनेवाले मतङ्गकी इन्द्रसे बातचीत   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 29: ब्राह्मणत्वके लिये तपस्या करनेवाले मतङ्गकी इन्द्रसे बातचीत  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  13.29.5 
भीष्म उवाच
ब्राह्मण्यं तात दुष्प्राप्यं वर्णै: क्षत्रादिभिस्त्रिभि:।
परं हि सर्वभूतानां स्थानमेतद् युधिष्ठिर॥ ५॥
 
 
अनुवाद
भीष्म बोले, "हे युधिष्ठिर! क्षत्रियों आदि तीनों वर्णों के लिए ब्राह्मणत्व प्राप्त करना अत्यन्त कठिन है, क्योंकि यह समस्त प्राणियों के लिए सर्वश्रेष्ठ स्थान है ॥5॥
 
Bhishma said, "My dear Yudhishthira! It is very difficult for the Kshatriyas and other three castes to attain brahminhood because this is the best place for all living beings. ॥ 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)