Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.29.26: मतंग ने कहा, "मैंने ब्राह्मणत्व प्राप्त करने की इच्छा से यह तपस्या की है। मैं यह वरदान केवल इसलिए चाहता हूँ कि इसे प्राप्त करके ही मैं यहाँ से जाऊँ।" 26.   |   mahabharat अध्याय 13.29: ब्राह्मणत्वके लिये तपस्या करनेवाले मतङ्गकी इन्द्रसे बातचीत   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 29: ब्राह्मणत्वके लिये तपस्या करनेवाले मतङ्गकी इन्द्रसे बातचीत  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  13.29.26 
मतंग उवाच
ब्राह्मण्यं कामयानोऽहमिदमारब्धवांस्तप:।
गच्छेयं तदवाप्येह वर एष वृतो मया॥ २६॥
 
 
अनुवाद
मतंग ने कहा, "मैंने ब्राह्मणत्व प्राप्त करने की इच्छा से यह तपस्या की है। मैं यह वरदान केवल इसलिए चाहता हूँ कि इसे प्राप्त करके ही मैं यहाँ से जाऊँ।" 26.
 
Matanga said, "I have undertaken this penance with the desire to attain brahminhood. I want this boon only to leave from here after attaining it." 26.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)