श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 29: ब्राह्मणत्वके लिये तपस्या करनेवाले मतङ्गकी इन्द्रसे बातचीत  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  13.29.20 
मतंग उवाच
अन्त्ययोनिरयोनिर्वा कथं स कुशली भवेत्।
कुशलं तु कुतस्तस्य यस्येयं जननी पित:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
मतंग ने कहा, "पिताजी! जो व्यक्ति चांडाल योनि में या निम्न योनि में भी जन्म लेता है, वह कैसे सुरक्षित रह सकता है? जिसकी माता ऐसी हो, वह कैसे सुरक्षित रह सकता है?"
 
Matanga said, "Father! How can a person who is born in a chandal yoni or even in a lower yoni remain safe? How can a person who has got such a mother be safe?"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)