Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.28.96: राजा भगीरथ ने अपनी घोर तपस्या से भगवान शंकर सहित समस्त देवताओं को प्रसन्न करके गंगाजी को इस पृथ्वी पर लाया था। उनकी शरण में आने से मनुष्य को इस लोक और परलोक में किसी प्रकार का भय नहीं रहता। 96॥ | mahabharat अध्याय 13.28: श्रीगङ्गाजीके माहात्म्यका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजा भगीरथ ने अपनी घोर तपस्या से भगवान शंकर सहित समस्त देवताओं को प्रसन्न करके गंगाजी को इस पृथ्वी पर लाया था। उनकी शरण में आने से मनुष्य को इस लोक और परलोक में किसी प्रकार का भय नहीं रहता। 96॥
King Bhagiratha pleased all the gods including Lord Shankar with his fierce penance and brought Gangaji to this earth. By taking refuge in him, man has no fear in this world or the next world. 96॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥