Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.28.57: जो मनुष्य बुरी आदतों के कारण दुःख भोगकर मरणासन्न अवस्था में है, वह भी यदि गंगा का दर्शन कर ले, तो उसे इतनी प्रसन्नता होती है कि उसकी सारी पीड़ा तुरन्त दूर हो जाती है ॥57॥ | mahabharat अध्याय 13.28: श्रीगङ्गाजीके माहात्म्यका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो मनुष्य बुरी आदतों के कारण दुःख भोगकर मरणासन्न अवस्था में है, वह भी यदि गंगा का दर्शन कर ले, तो उसे इतनी प्रसन्नता होती है कि उसकी सारी पीड़ा तुरन्त दूर हो जाती है ॥57॥
Even a person who is on the verge of death due to the sufferings caused by bad habits, if he sees the Ganges, he becomes so happy that all his pain vanishes instantly. ॥ 57॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥