Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.28.103: सिद्ध के उपदेश से गंगाजी का माहात्म्य जानकर उस पाषाणप्रिय ब्राह्मण ने उनकी विधिपूर्वक पूजा करके अत्यंत दुर्लभ सिद्धि प्राप्त की ॥103॥   |   mahabharat अध्याय 13.28: श्रीगङ्गाजीके माहात्म्यका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 28: श्रीगङ्गाजीके माहात्म्यका वर्णन  »  श्लोक 103
 
 
श्लोक  13.28.103 
शिलवृत्तिस्तु सिद्धस्य वाक्यै: सम्बोधितस्तदा।
गङ्गामुपास्य विधिवत् सिद्धिं प्राप सुदुर्लभाम्॥ १०३॥
 
 
अनुवाद
सिद्ध के उपदेश से गंगाजी का माहात्म्य जानकर उस पाषाणप्रिय ब्राह्मण ने उनकी विधिपूर्वक पूजा करके अत्यंत दुर्लभ सिद्धि प्राप्त की ॥103॥
 
After knowing the greatness of Ganga ji from the teachings of Siddha, that stone-loving Brahmin, by worshiping her properly, attained the rarest Siddhi. 103॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)