श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 27: विभिन्न तीर्थोंके माहात्म्यका वर्णन  »  श्लोक 62
 
 
श्लोक  13.27.62 
विख्यातो हिमवान् पुण्य: शङ्करश्वशुरो गिरि:।
आकर: सर्वरत्नानां सिद्धचारणसेवित:॥ ६२॥
 
 
अनुवाद
भगवान शंकर का जन्मस्थान हिमवान पर्वत संसार में सर्वाधिक पवित्र और प्रसिद्ध है। वह समस्त रत्नों की खान है और सिद्धों तथा भाटों से सेवित है। 62॥
 
Himavan Parvat, the birthplace of Lord Shankar, is most sacred and famous in the world. He is a mine of all gems and is served by Siddhas and bards. 62॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)