vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 13: अनुशासन पर्व
»
अध्याय 27: विभिन्न तीर्थोंके माहात्म्यका वर्णन
»
श्लोक 5
श्लोक
13.27.5
अस्ति मे भगवन् कश्चित्तीर्थेभ्यो धर्मसंशय:।
तत् सर्वं श्रोतुमिच्छामि तन्मे शंस महामुने॥ ५॥
अनुवाद
हे प्रभु! हे मुनि! तीर्थों के विषय में मेरे मन में कुछ धार्मिक शंकाएँ हैं। मैं उन सबका वर्णन सुनना चाहता हूँ। कृपया मुझे बताएँ ॥5॥
Lord! O great sage! I have some religious doubts regarding the pilgrimage sites. I want to hear all of them. Please tell me. ॥ 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×