गङ्गायमुनयोस्तीर्थे तथा कालञ्जरे गिरौ।
दशाश्वमेधानाप्नोति तत्र मासं कृतोदक:॥ ३५॥
अनुवाद
गंगा-यमुना के संगमतीर्थ और कालंजरातीर्थ में एक मास तक स्नान और तर्पण करने से दस अश्वमेध यज्ञों का फल प्राप्त होता है ॥35॥
By taking bath and offering prayers for a month in the Sangmatitirtha of Ganga-Yamuna and in Kalanjaratirtha, one gets the results of ten Ashwamedha Yagyas. 35॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥