vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 13: अनुशासन पर्व
»
अध्याय 25: देवता और पितरोंके कार्यमें निमन्त्रण देने योग्य पात्रों तथा नरकगामी और स्वर्गगामी मनुष्योंके लक्षणोंका वर्णन
»
श्लोक d7
श्लोक
13.25.d7
बाला: स्त्रियश्च वाञ्छन्ति सुभक्तं चाप्यसाधना:।
स्वर्गमायान्ति दत्त्वैषां निरयान् नोपयान्ति ते॥ )
अनुवाद
जो बालक और स्त्रियाँ सब प्रकार से साधनहीन हैं और केवल भोजन चाहते हैं, उन्हें भोजन देने से दाता स्वर्ग को जाता है, वे नरक में नहीं जाते।
Those children and women who are devoid of all means and want only food, by giving them food the donor goes to heaven. They do not go to hell.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×