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mahabharat 13.25.91: जो मनुष्य वस्त्र, आभूषण, अन्न, जल और अन्न का दान करते हैं तथा वंश वृद्धि में दूसरों की सहायता करते हैं, वे स्वर्ग को जाते हैं ॥91॥   |   mahabharat अध्याय 13.25: देवता और पितरोंके कार्यमें निमन्त्रण देने योग्य पात्रों तथा नरकगामी और स्वर्गगामी मनुष्योंके लक्षणोंका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 25: देवता और पितरोंके कार्यमें निमन्त्रण देने योग्य पात्रों तथा नरकगामी और स्वर्गगामी मनुष्योंके लक्षणोंका वर्णन  »  श्लोक 91
 
 
श्लोक  13.25.91 
वस्त्राभरणदातारो भक्तपानान्नदास्तथा।
कुटुम्बानां च दातार: पुरुषा: स्वर्गगामिन:॥ ९१॥
 
 
अनुवाद
जो मनुष्य वस्त्र, आभूषण, अन्न, जल और अन्न का दान करते हैं तथा वंश वृद्धि में दूसरों की सहायता करते हैं, वे स्वर्ग को जाते हैं ॥91॥
 
Those who donate clothes, ornaments, food, water and grains and help others in increasing their families, go to heaven. ॥91॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)