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mahabharat 13.25.88: जो मनुष्य क्षमाशील, धैर्यवान, धर्मकार्य में तत्पर और शुभ आचरण वाले हैं, वे भी स्वर्ग को जाते हैं ॥88॥   |   mahabharat अध्याय 13.25: देवता और पितरोंके कार्यमें निमन्त्रण देने योग्य पात्रों तथा नरकगामी और स्वर्गगामी मनुष्योंके लक्षणोंका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 25: देवता और पितरोंके कार्यमें निमन्त्रण देने योग्य पात्रों तथा नरकगामी और स्वर्गगामी मनुष्योंके लक्षणोंका वर्णन  »  श्लोक 88
 
 
श्लोक  13.25.88 
क्षमावन्तश्च धीराश्च धर्मकार्येषु चोत्थिता:।
मङ्गलाचारसम्पन्ना: पुरुषा: स्वर्गगामिन:॥ ८८॥
 
 
अनुवाद
जो मनुष्य क्षमाशील, धैर्यवान, धर्मकार्य में तत्पर और शुभ आचरण वाले हैं, वे भी स्वर्ग को जाते हैं ॥88॥
 
Those men who are forgiving, patient, ready to do religious work and have auspicious conduct also go to heaven. 88॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)