Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.25.71: जो मनुष्य पितरों और देवताओं की पूजा छोड़कर अग्नि में आहुति डाले बिना तथा अतिथियों, सम्बन्धियों, स्त्री-बच्चों को भोजन कराए बिना भोजन करते हैं, वे निस्संदेह नरक में जाते हैं। 71. | mahabharat अध्याय 13.25: देवता और पितरोंके कार्यमें निमन्त्रण देने योग्य पात्रों तथा नरकगामी और स्वर्गगामी मनुष्योंके लक्षणोंका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पर्यश्नन्ति च ये दारानग्निभृत्यातिथींस्तथा।
उत्सन्नपितृदेवेज्यास्ते वै निरयगामिन:॥ ७१॥
अनुवाद
जो मनुष्य पितरों और देवताओं की पूजा छोड़कर अग्नि में आहुति डाले बिना तथा अतिथियों, सम्बन्धियों, स्त्री-बच्चों को भोजन कराए बिना भोजन करते हैं, वे निस्संदेह नरक में जाते हैं। 71.
Those who abandon the worship of ancestors and gods and take their meal without offering oblations to the fire and without providing food to guests, relatives and women and children, undoubtedly go to hell. 71.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥