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mahabharat 13.25.62: जो लोग दूसरों का धन हड़पते और नष्ट करते हैं तथा दूसरों की चुगली करते हैं, वे अवश्य नरक में गिरेंगे। 62.   |   mahabharat अध्याय 13.25: देवता और पितरोंके कार्यमें निमन्त्रण देने योग्य पात्रों तथा नरकगामी और स्वर्गगामी मनुष्योंके लक्षणोंका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.25.62 
ये परस्वापहर्तार: परस्वानां च नाशका:।
सूचकाश्च परेषां ये ते वै निरयगामिन:॥ ६२॥
 
 
अनुवाद
जो लोग दूसरों का धन हड़पते और नष्ट करते हैं तथा दूसरों की चुगली करते हैं, वे अवश्य नरक में गिरेंगे। 62.
 
Those who usurp and destroy the wealth of others and backbite others will certainly fall into hell. 62.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)