Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.25.56: जो पाखण्डियों के धर्म से विमुख रहते हैं, जिनके पास धन का अभाव है और जो अन्न के अभाव से दुर्बल हो गए हैं, उन्हें दिया गया दान बहुत फलदायी होता है ॥ 56॥ | mahabharat अध्याय 13.25: देवता और पितरोंके कार्यमें निमन्त्रण देने योग्य पात्रों तथा नरकगामी और स्वर्गगामी मनुष्योंके लक्षणोंका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो पाखण्डियों के धर्म से विमुख रहते हैं, जिनके पास धन का अभाव है और जो अन्न के अभाव से दुर्बल हो गए हैं, उन्हें दिया गया दान बहुत फलदायी होता है ॥ 56॥
Charity given to those who stay away from the religion of hypocrites, those who lack wealth and those who have become weak due to lack of food, is very fruitful. ॥ 56॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥