युधिष्ठिर ने पूछा - पितामह ! देवयज्ञ या श्राद्धकर्म में दिया गया दान मनुष्यों को किस प्रकार उत्तम फल देता है ? मैं यह बात जानना चाहता हूँ ॥48॥
Yudhishthir asked – Grandfather! How does the donation given in a Devyagya or Shraddha ritual bring great results to men? I want to know this thing. 48॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥