Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.25.42: यदि किसी ब्राह्मण ने श्राद्धकर्म के लिए किसी को पहले ही आमंत्रित कर लिया हो, तो आमंत्रित ब्राह्मण को किसी अन्य स्थान पर जाकर भोजन नहीं करना चाहिए। यदि वह ऐसा करता है, तो वह अधम माना जाता है और उसे पशु-हत्या के बराबर पाप लगता है। 42. | mahabharat अध्याय 13.25: देवता और पितरोंके कार्यमें निमन्त्रण देने योग्य पात्रों तथा नरकगामी और स्वर्गगामी मनुष्योंके लक्षणोंका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि किसी ब्राह्मण ने श्राद्धकर्म के लिए किसी को पहले ही आमंत्रित कर लिया हो, तो आमंत्रित ब्राह्मण को किसी अन्य स्थान पर जाकर भोजन नहीं करना चाहिए। यदि वह ऐसा करता है, तो वह अधम माना जाता है और उसे पशु-हत्या के बराबर पाप लगता है। 42.
If a Brahmin has already invited someone for the Shraddha ceremony, then the invited Brahmin should not go to another place and eat food there. If he does so, then he is considered to be inferior and he incurs a sin equivalent to killing an animal. 42.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥