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श्लोक 13.25.32  |
ब्रह्मविक्रयनिर्दिष्टं स्त्रिया यच्चार्जितं धनम्।
अदेयं पितृविप्रेभ्यो यच्च क्लैब्यादुपार्जितम्॥ ३२॥ |
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| अनुवाद |
| जो धन वेद बेचकर, स्त्री की कमाई से अथवा दीनता दिखाकर लोगों से भिक्षा मांगकर प्राप्त किया गया हो, वह श्राद्ध में ब्राह्मणों को देने योग्य नहीं है ॥ 32॥ |
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| Wealth which is obtained by selling the Vedas or by a woman's earnings or by begging from people by showing humility is not suitable to be given to Brahmins in Shraddha. ॥ 32॥ |
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