Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.25.18: राजा! जो ब्राह्मण पहले समाज में अग्रणी था और बाद में शूद्र स्त्री से विवाह कर लिया, वह समस्त विद्याओं का ज्ञाता होने पर भी श्राद्धकर्म में आमंत्रित करने योग्य नहीं है। ॥18॥ | mahabharat अध्याय 13.25: देवता और पितरोंके कार्यमें निमन्त्रण देने योग्य पात्रों तथा नरकगामी और स्वर्गगामी मनुष्योंके लक्षणोंका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजा! जो ब्राह्मण पहले समाज में अग्रणी था और बाद में शूद्र स्त्री से विवाह कर लिया, वह समस्त विद्याओं का ज्ञाता होने पर भी श्राद्धकर्म में आमंत्रित करने योग्य नहीं है। ॥18॥
King! A Brahmin who was a leader in the society earlier and later married a Shudra woman is not worthy of being invited for a Shraddha ceremony even if he is a knower of all the sciences. ॥ 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥