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mahabharat 13.25.14: नरेश्वर! वैद्य, वैद्य, मन्दिर के पुजारी, पाखण्डी और शराब बेचने वाले ब्राह्मण निमंत्रण के योग्य नहीं हैं ॥14॥   |   mahabharat अध्याय 13.25: देवता और पितरोंके कार्यमें निमन्त्रण देने योग्य पात्रों तथा नरकगामी और स्वर्गगामी मनुष्योंके लक्षणोंका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 25: देवता और पितरोंके कार्यमें निमन्त्रण देने योग्य पात्रों तथा नरकगामी और स्वर्गगामी मनुष्योंके लक्षणोंका वर्णन  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  13.25.14 
चिकित्सका देवलका वृथा नियमधारिण:।
सोमविक्रयिणश्चैव राजन् नार्हन्ति केतनम्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
नरेश्वर! वैद्य, वैद्य, मन्दिर के पुजारी, पाखण्डी और शराब बेचने वाले ब्राह्मण निमंत्रण के योग्य नहीं हैं ॥14॥
 
Nareshwar! Doctors or Vaidyas, temple priests, hypocrites and Brahmins who sell liquor are not worthy of invitation. 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)