Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.25.11-12: अब दान और भोजन के लिए ब्राह्मण की परीक्षा लेने के विषय में जो कहा गया है, उसे सुनो। राजन! जो ब्राह्मण अशुद्ध, जड़ या विक्षिप्त हो गए हैं, वे देव-कार्य या पितरों के निमित्त बुलाने योग्य नहीं हैं। 11-12॥ | mahabharat अध्याय 13.25: देवता और पितरोंके कार्यमें निमन्त्रण देने योग्य पात्रों तथा नरकगामी और स्वर्गगामी मनुष्योंके लक्षणोंका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अब दान और भोजन के लिए ब्राह्मण की परीक्षा लेने के विषय में जो कहा गया है, उसे सुनो। राजन! जो ब्राह्मण अशुद्ध, जड़ या विक्षिप्त हो गए हैं, वे देव-कार्य या पितरों के निमित्त बुलाने योग्य नहीं हैं। 11-12॥
Now listen to what is said about testing a Brahmin for donations and food. Rajan! Those Brahmins who have become impure, dull or insane are not eligible to be invited to work for God or for ancestors. 11-12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥