Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.25.102: जो किसी भी कुल में उत्पन्न होकर बहुत पुत्रों वाले, सौ वर्ष तक जीवित रहने वाले, दूसरों पर दया करने वाले और क्रोध को वश में रखने वाले होते हैं, वे स्वर्ग जाते हैं ॥102॥ | mahabharat अध्याय 13.25: देवता और पितरोंके कार्यमें निमन्त्रण देने योग्य पात्रों तथा नरकगामी और स्वर्गगामी मनुष्योंके लक्षणोंका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यस्मिंस्तस्मिन् कुले जाता बहुपुत्रा: शतायुष:।
सानुक्रोशा जितक्रोधा: पुरुषा: स्वर्गगामिन:॥ १०२॥
अनुवाद
जो किसी भी कुल में उत्पन्न होकर बहुत पुत्रों वाले, सौ वर्ष तक जीवित रहने वाले, दूसरों पर दया करने वाले और क्रोध को वश में रखने वाले होते हैं, वे स्वर्ग जाते हैं ॥102॥
Those who, born in any family, have many sons, live for a hundred years, are kind to others and control their anger, go to heaven. ॥102॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥