Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.25.1: युधिष्ठिर ने पूछा - पितामह! मैं आपसे देवताओं और पितरों के लिए श्राद्धकर्म में देवताओं और ऋषियों द्वारा बताई गई विधि का वर्णन सुनना चाहता हूँ॥ 1॥ | mahabharat अध्याय 13.25: देवता और पितरोंके कार्यमें निमन्त्रण देने योग्य पात्रों तथा नरकगामी और स्वर्गगामी मनुष्योंके लक्षणोंका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
युधिष्ठिर उवाच
श्राद्धकाले च दैवे च पित्र्येऽपि च पितामह।
इच्छामीह त्वयाऽऽख्यातं विहितं यत् सुरर्षिभि:॥ १॥
अनुवाद
युधिष्ठिर ने पूछा - पितामह! मैं आपसे देवताओं और पितरों के लिए श्राद्धकर्म में देवताओं और ऋषियों द्वारा बताई गई विधि का वर्णन सुनना चाहता हूँ॥ 1॥
Yudhishthira asked - Grandfather! I wish to hear from you the description of the rituals prescribed by the gods and the sages during the Shraddha ceremony for the gods and ancestors.॥ 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥