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mahabharat 13.24.39: अतः ऐसे पुण्यात्मा पुरुषों को ही गौ, घोड़ा, अन्न, धन आदि देना चाहिए। ऐसा करने से दान देने वाले को मृत्यु के बाद पश्चाताप नहीं करना पड़ता। 39॥   |   mahabharat अध्याय 13.24: युधिष्ठिरके विविध धर्मयुक्त प्रश्नोंका उत्तर तथा श्राद्ध और दानके उत्तम पात्रोंका लक्षण   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 24: युधिष्ठिरके विविध धर्मयुक्त प्रश्नोंका उत्तर तथा श्राद्ध और दानके उत्तम पात्रोंका लक्षण  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  13.24.39 
गामश्वं वित्तमन्नं वा तद्विधे प्रतिपादयेत्।
द्रव्याणि चान्यानि तथा प्रेत्यभावे न शोचति॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
अतः ऐसे पुण्यात्मा पुरुषों को ही गौ, घोड़ा, अन्न, धन आदि देना चाहिए। ऐसा करने से दान देने वाले को मृत्यु के बाद पश्चाताप नहीं करना पड़ता। 39॥
 
Therefore, only such virtuous men should be given cow, horse, food, money and other things. By doing this the donor does not have to repent after death. 39॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)