Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.24.37: उपर्युक्त गुणों से युक्त ब्राह्मणों को किया गया दान महान फल देता है। जो दाता किसी गुणवान एवं सुपात्र को दान देता है, उसे हजार गुना फल प्राप्त होता है।   |   mahabharat अध्याय 13.24: युधिष्ठिरके विविध धर्मयुक्त प्रश्नोंका उत्तर तथा श्राद्ध और दानके उत्तम पात्रोंका लक्षण   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 24: युधिष्ठिरके विविध धर्मयुक्त प्रश्नोंका उत्तर तथा श्राद्ध और दानके उत्तम पात्रोंका लक्षण  »  श्लोक 37
 
 
श्लोक  13.24.37 
ये त्वेवंगुणजातीयास्तेभ्यो दत्तं महाफलम्।
सहस्रगुणमाप्नोति गुणार्हाय प्रदायक:॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
उपर्युक्त गुणों से युक्त ब्राह्मणों को किया गया दान महान फल देता है। जो दाता किसी गुणवान एवं सुपात्र को दान देता है, उसे हजार गुना फल प्राप्त होता है।
 
Donation made to Brahmins who have the above-mentioned qualities yields great results. A donor who donates to a virtuous and deserving person receives a thousand-fold benefit.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)