Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.24.22: जो उच्च वर्ण के लोग राग और मोह के वशीभूत होकर अपने द्वारा किए गए अथवा न किए गए शुभ कर्मों का जनता को वर्णन करते हैं, वे मेद, पुलक और निम्न वर्णों के समान माने जाते हैं॥ 22॥ | mahabharat अध्याय 13.24: युधिष्ठिरके विविध धर्मयुक्त प्रश्नोंका उत्तर तथा श्राद्ध और दानके उत्तम पात्रोंका लक्षण । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मेदानां पुल्कसानां च तथैवान्तेवसायिनाम्।
कृतं कर्माकृतं वापि रागमोहेन जल्पताम्॥ २२॥
अनुवाद
जो उच्च वर्ण के लोग राग और मोह के वशीभूत होकर अपने द्वारा किए गए अथवा न किए गए शुभ कर्मों का जनता को वर्णन करते हैं, वे मेद, पुलक और निम्न वर्णों के समान माने जाते हैं॥ 22॥
Those people of the upper castes who, under the influence of passion and infatuation, narrate to the public the auspicious deeds done by them or not done by them, are considered to be equal to the Medas, Pulkasas and the lower castes.॥ 22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥