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mahabharat 13.24.21: जो मनुष्य ऐसे लोगों को सोना, रत्न, गाय या घोड़ा आदि दान करता है, वह नरक में जाता है और दस वर्षों तक मल खाता है।   |   mahabharat अध्याय 13.24: युधिष्ठिरके विविध धर्मयुक्त प्रश्नोंका उत्तर तथा श्राद्ध और दानके उत्तम पात्रोंका लक्षण   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.24.21 
तेभ्यो हिरण्यं रत्नं वा गामश्वं वा ददाति य:।
दश वर्षाणि विष्ठां स भुङ्‍‍क्ते निरयमास्थित:॥ २१॥
 
 
अनुवाद
जो मनुष्य ऐसे लोगों को सोना, रत्न, गाय या घोड़ा आदि दान करता है, वह नरक में जाता है और दस वर्षों तक मल खाता है।
 
One who donates gold, gems, cow or horse etc. to such people goes to hell and eats feces for ten years.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)