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mahabharat 13.24.15: भीष्म कहते हैं: युधिष्ठिर! इस प्रकार अपना मत व्यक्त करके पृथ्वी, कश्यप, अग्नि और मार्कण्डेय ये चारों महापुरुष शीघ्र ही चले गये।   |   mahabharat अध्याय 13.24: युधिष्ठिरके विविध धर्मयुक्त प्रश्नोंका उत्तर तथा श्राद्ध और दानके उत्तम पात्रोंका लक्षण   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 24: युधिष्ठिरके विविध धर्मयुक्त प्रश्नोंका उत्तर तथा श्राद्ध और दानके उत्तम पात्रोंका लक्षण  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  13.24.15 
भीष्म उवाच
इत्युक्त्वा ते जग्मुराशु चत्वारोऽमिततेजस:।
पृथिवी काश्यपोऽग्निश्च प्रकृष्टायुश्च भार्गव:॥ १५॥
 
 
अनुवाद
भीष्म कहते हैं: युधिष्ठिर! इस प्रकार अपना मत व्यक्त करके पृथ्वी, कश्यप, अग्नि और मार्कण्डेय ये चारों महापुरुष शीघ्र ही चले गये।
 
Bhishma says: Yudhishthira! Having expressed their opinion in this manner, the four illustrious persons, Prithvi, Kashyap, Agni and Markandeya, soon left.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)