Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.24.12: कश्यपजी बोले - "हे मनुष्यों! जो ब्राह्मण सदाचार से रहित है, उसे वेद, सांख्य और छहों अंगों सहित पुराणों का ज्ञान तथा उत्तम कुल में जन्म - ये सब मिलकर भी उत्तम गति नहीं दे सकते॥12॥ | mahabharat अध्याय 13.24: युधिष्ठिरके विविध धर्मयुक्त प्रश्नोंका उत्तर तथा श्राद्ध और दानके उत्तम पात्रोंका लक्षण । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
काश्यप उवाच
सर्वे च वेदा: सह षड्भिरङ्गै:
सांख्यं पुराणं च कुले च जन्म।
नैतानि सर्वाणि गतिर्भवन्ति
शीलव्यपेतस्य नृप द्विजस्य॥ १२॥
अनुवाद
कश्यपजी बोले - "हे मनुष्यों! जो ब्राह्मण सदाचार से रहित है, उसे वेद, सांख्य और छहों अंगों सहित पुराणों का ज्ञान तथा उत्तम कुल में जन्म - ये सब मिलकर भी उत्तम गति नहीं दे सकते॥12॥
Kashyap said, "O Lord of men! A Brahmin who is devoid of moral character, even the knowledge of the Vedas, Sankhya and the Puranas along with their six parts, and birth in an excellent family - all these together cannot grant him the best destination. ॥12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥