Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.23.d6: मार्कण्डेय ने कहा, "मैंने बड़े प्रयत्न से सज्जनों का यह सान्निध्य प्राप्त किया है। मुझे आशा है कि मुझे यहाँ धर्म और नीति का निर्णय प्राप्त होगा।"   |   mahabharat अध्याय 13.23: मार्कण्डेयजीके द्वारा विविध प्रश्न और नारदजीके द्वारा उनका उत्तर   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 23: मार्कण्डेयजीके द्वारा विविध प्रश्न और नारदजीके द्वारा उनका उत्तर  »  श्लोक d6
 
 
श्लोक  13.23.d6 
मार्कण्डेय उवाच
अयं समागम: सद्भिर्यत्नेनासादितो मया।
अत्र प्राप्स्यामि धर्माणामाचारस्य च निश्चयम्॥
 
 
अनुवाद
मार्कण्डेय ने कहा, "मैंने बड़े प्रयत्न से सज्जनों का यह सान्निध्य प्राप्त किया है। मुझे आशा है कि मुझे यहाँ धर्म और नीति का निर्णय प्राप्त होगा।"
 
Markandeya said, "I have achieved this company of noble men with great efforts. I hope that I will get the decision on religion and ethics here."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)