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श्लोक  13.23.d5 
ऋषयस्तु मुनिं दृष्ट्वा समुत्थायोन्मुखा: स्थिता:।
अर्चयित्वार्हतो विप्रं किं कुर्म इति चाब्रुवन्॥
 
 
अनुवाद
जब ऋषियों ने मुनियों को आते देखा तो वे सब उनके सामने खड़े हो गए और विधिपूर्वक उनका पूजन करके पूछा, 'हम आपकी क्या सेवा कर सकते हैं?'
 
When the sages saw the munis approaching, they all stood up facing them and after worshipping them in a proper manner, they asked, 'What service can we offer you?'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)