Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.23.d42: नारदजी बोले- धन और स्त्री दोनों एक ही दशा में हैं। दोनों ही मनुष्यों को कल्याण के मार्ग पर चलने से रोकते हैं- उन्हें मोहित करते हैं। स्त्रियाँ काम-भोगों के द्वारा मन को हर लेती हैं और धन-भोगों के द्वारा धर्म का नाश कर देती हैं। | mahabharat अध्याय 13.23: मार्कण्डेयजीके द्वारा विविध प्रश्न और नारदजीके द्वारा उनका उत्तर । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नारदजी बोले- धन और स्त्री दोनों एक ही दशा में हैं। दोनों ही मनुष्यों को कल्याण के मार्ग पर चलने से रोकते हैं- उन्हें मोहित करते हैं। स्त्रियाँ काम-भोगों के द्वारा मन को हर लेती हैं और धन-भोगों के द्वारा धर्म का नाश कर देती हैं।
Naradji said- Wealth and women are in the same condition. Both hinder men from walking on the path of welfare- they bewitch them. Women take away the mind through the pleasures and pleasures of sex and wealth ruins religion through pleasures.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥