श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 23: मार्कण्डेयजीके द्वारा विविध प्रश्न और नारदजीके द्वारा उनका उत्तर  »  श्लोक d28
 
 
श्लोक  13.23.d28 
नारद उवाच
कन्याप्रदानं पुत्राणां स्त्रीणां संयोगमेव च।
आनुपूर्व्यान्मया सम्यगुच्यमानं निबोध मे॥
 
 
अनुवाद
नारद बोले, 'अब मैं तुम्हें कन्या-विवाह, पुत्र-सम्बन्धी तथा स्त्रियों के संयोग के विषय में क्रम से बताता हूँ। इन्हें सुनो।
 
Narada said, 'Now I am telling you sequentially about the marriage of a girl, about sons and about the union with women. Listen to them.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)