Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.23.d26: जो लोग सब कुछ देते हैं और उस कार्य के अधिकारी हैं, वे एकाग्र मन से जो भी हवि और प्रसाद विधिपूर्वक अर्पित करते हैं, उसे देवता और पितर स्वीकार करते हैं। | mahabharat अध्याय 13.23: मार्कण्डेयजीके द्वारा विविध प्रश्न और नारदजीके द्वारा उनका उत्तर । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो लोग सब कुछ देते हैं और उस कार्य के अधिकारी हैं, वे एकाग्र मन से जो भी हवि और प्रसाद विधिपूर्वक अर्पित करते हैं, उसे देवता और पितर स्वीकार करते हैं।
Those who give everything and are entitled to that work, with concentrated mind, whatever oblations and offerings they offer in a proper manner are accepted by the gods and forefathers.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥