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mahabharat 13.23.d25: वह पेशा केवल उन लोगों के लिए निर्धारित किया गया है जो आत्माएँ, भूत-प्रेत और शैतान हैं। पूर्वजों और देवताओं ने उस पेशे को त्याग दिया है।   |   mahabharat अध्याय 13.23: मार्कण्डेयजीके द्वारा विविध प्रश्न और नारदजीके द्वारा उनका उत्तर   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.23.d25 
यातुधाना: पिशाचाश्च भूता ये चापि नैर्ऋता:।
तेषां सा विहिता वृत्ति: पितृदैवतनिर्गता॥
 
 
अनुवाद
वह पेशा केवल उन लोगों के लिए निर्धारित किया गया है जो आत्माएँ, भूत-प्रेत और शैतान हैं। पूर्वजों और देवताओं ने उस पेशे को त्याग दिया है।
 
That profession has been prescribed only for those who are spirits, ghosts and devils. The ancestors and gods have abandoned that profession.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)