Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.23.d22: नारद ने कहा, "यदि ऐसा दान ब्राह्मणों द्वारा किया जाता है, तो वह राक्षसों को जाता है। यदि वह क्षत्रियों द्वारा किया जाता है, तो वह राक्षसों द्वारा ले लिया जाता है। यदि ऐसा दान वैश्यों द्वारा किया जाता है, तो वह भूतों द्वारा ले लिया जाता है। यदि वह दान शूद्रों द्वारा अनादरपूर्वक किया जाता है, तो वह दुष्ट आत्माओं को जाता है।" | mahabharat अध्याय 13.23: मार्कण्डेयजीके द्वारा विविध प्रश्न और नारदजीके द्वारा उनका उत्तर । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नारद ने कहा, "यदि ऐसा दान ब्राह्मणों द्वारा किया जाता है, तो वह राक्षसों को जाता है। यदि वह क्षत्रियों द्वारा किया जाता है, तो वह राक्षसों द्वारा ले लिया जाता है। यदि ऐसा दान वैश्यों द्वारा किया जाता है, तो वह भूतों द्वारा ले लिया जाता है। यदि वह दान शूद्रों द्वारा अनादरपूर्वक किया जाता है, तो वह दुष्ट आत्माओं को जाता है।"
Narada said, "If such donation is made by Brahmins, it goes to the demons. If it is made by Kshatriyas, it is taken away by the demons. If such donation is made by Vaishyas, it is taken by the ghosts. If the donation is made disrespectfully by Shudras, it goes to the evil spirits."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥