आश्चर्यं परमं हीदं किं नु श्रेयो हि मे भवेत्।
दिव्याभरणवस्त्रा हि कन्येयं मामुपस्थिता॥ २४॥
अनुवाद
(वह मन ही मन सोचने लगा-) यह पहले तो वृद्धा थी और अब दिव्य वस्त्राभूषणों से सुसज्जित कन्या रूप में मेरी सेवा में उपस्थित है। यह बड़े आश्चर्य की बात है। क्या इससे मेरा कल्याण होगा?॥ 24॥
(He started thinking to himself-) She was old earlier and now she is present in my service in the form of a girl adorned with divine clothes and ornaments. This is a matter of great surprise. Will this be beneficial for me?॥ 24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥