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श्लोक  13.21.20 
अष्टावक्र उवाच
स्वतन्त्रा त्वं कथं भद्रे ब्रूहि कारणमत्र वै।
नास्ति त्रिलोके स्त्री काचिद् या वै स्वातन्त्र्यमर्हति॥ २०॥
 
 
अनुवाद
अष्टावक्र बोले, "भद्र! तुम स्वतंत्र कैसे हो? इसका कारण बताओ! तीनों लोकों में कोई भी स्त्री स्वतंत्र होने के योग्य नहीं है।"
 
Ashtavakra said, "Bhadra! How are you independent? Tell me the reason for this! There is no woman in the three worlds who deserves to be independent."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)